Exam Updates: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति-2020 के विजन को धरातल पर उतारते हुए कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव किया है. बोर्ड ने इस शैक्षणिक सत्र से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत "दूसरी बोर्ड परीक्षा" के लिए “लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स” (LOC) जमा करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह पहल उन छात्रों के लिए संजीवनी साबित होगी जो पहली परीक्षा में किन्हीं कारणों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए या जो अपने अंकों (स्कोर) में सुधार करना चाहते हैं.
31 मार्च तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन का मौका
जमशेदपुर सहित देश भर के स्कूलों के लिए जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन की खिड़की 18 मार्च 2026 से खुल चुकी है. छात्र आगामी 31 मार्च तक बिना किसी विलंब शुल्क के अपना पंजीकरण करा सकते हैं. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की समय सीमा अंतिम तिथि की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगी. इसके बाद आवेदन करने वाले छात्रों को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा, इसलिए स्कूलों को समय रहते इच्छुक विद्यार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
पात्रता के कड़े नियम और विषय चयन की सीमा
इस विशेष परीक्षा में बैठने के लिए बोर्ड ने कुछ अनिवार्य शर्तें भी लागू की हैं. इस प्रक्रिया में केवल वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो पहली मुख्य बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुए थे. हालांकि, यदि कोई छात्र पहली परीक्षा के दौरान तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहा है, तो उसे इस दूसरी परीक्षा के लिए पात्र नहीं माना जाएगा. ऐसे विद्यार्थियों को अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा का इंतजार करना होगा. विषय चयन के मामले में छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे प्रमुख विषयों में से अधिकतम तीन विषयों के लिए "सुधार परीक्षा" (Improvement Exam) दे सकते हैं. इसके अलावा, कंपार्टमेंट श्रेणी में आने वाले छात्रों को भी इस अवसर का लाभ उठाने की अनुमति दी गई है.
संसाधन प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों की स्थिति
बोर्ड ने स्कूलों को कड़ाई से निर्देशित किया है कि वे केवल उन्हीं छात्रों की सूची भेजें जो वास्तव में परीक्षा देने के इच्छुक हैं, ताकि परीक्षा केंद्रों और अन्य संसाधनों का सटीक प्रबंधन किया जा सके. यह भी साफ कर दिया गया है कि दूसरी परीक्षा के लिए केंद्रों की संख्या पहली परीक्षा के मुकाबले कम हो सकती है, जिससे छात्रों को अपने घर के एकदम नजदीक केंद्र मिलने की संभावना सीमित रहेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई व्यवस्था शिक्षा प्रणाली में लचीलापन लाएगी और छात्रों के ऊपर से बोर्ड परीक्षा के मानसिक तनाव को कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. जमशेदपुर के विभिन्न सीबीएसई स्कूलों ने अब छात्र-छात्राओं को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी करना शुरू कर दिया है.