Jharkhand News: झारखंड में बीते कुछ वर्षों में अंडा उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. राज्य में मुर्गी पालन को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण स्तर पर इसके विस्तार के कारण अंडा उत्पादन हर साल बढ़ रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में करीब 110 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ है. वहीं अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक यह आंकड़ा लगभग 116 करोड़ तक पहुंच सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मुर्गी पालन का उत्पादन चक्र छोटा होने और कम पूंजी में शुरू हो जाने के कारण यह काम खासकर भूमिहीन और सीमांत परिवारों के लिए आय का अच्छा साधन बनता जा रहा है. ग्रामीण इलाकों में कई परिवार अब मुर्गी पालन को अतिरिक्त आमदनी के रूप में अपना रहे हैं, जिससे उत्पादन में तेजी आई है.
देसी मुर्गियों का बड़ा योगदान
राज्य में अंडा उत्पादन में फिलहाल देसी मुर्गियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. गांवों में बड़े पैमाने पर देसी नस्ल की मुर्गियां पाली जाती हैं, जो उत्पादन का बड़ा हिस्सा दे रही हैं. हालांकि अब उन्नत नस्ल की मुर्गियों का विस्तार भी तेजी से हो रहा है, जिससे भविष्य में उत्पादन और बढ़ने की संभावना है.
उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी कदम
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में अंडा उत्पादन को और बढ़ाने के लिए हैचरी अवसंरचना, संतुलित चारा की उपलब्धता और बेहतर रोग प्रबंधन प्रणाली पर लगातार निवेश करना जरूरी होगा. इसके साथ ही धीरे-धीरे देसी नस्ल से उन्नत नस्ल की मुर्गियों की ओर बदलाव को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि उत्पादन क्षमता में और वृद्धि हो सके.
हर साल बढ़ता गया उत्पादन
राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अंडा उत्पादन लगातार बढ़ा है. आंकड़ों के मुताबिक:
• 2019-20: 69.28 करोड़
• 2020-21: 77.54 करोड़
• 2021-22: 81.68 करोड़
• 2022-23: 91.90 करोड़
• 2023-24: 100 करोड़
• 2024-25: 105 करोड़
• 2025-26: 110 करोड़
इन आंकड़ों से साफ है कि झारखंड में मुर्गी पालन का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है. आने वाले समय में उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं और किसानों की भागीदारी से इस क्षेत्र में और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है.