Jamshedpur: टाटानगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने का सपना अब तक अधूरा ही नजर आ रहा है। साल 2024 में 26 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके बाद 2025 में भूमि पूजन भी किया गया और पूरी योजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
550 करोड़ की परियोजना अब भी अटकी
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 550 करोड़ रुपये का टेंडर पास किया गया था। रेलवे की ओर से दावा किया गया था कि तीन साल के भीतर स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया जाएगा, लेकिन 2026 आ जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्लेटफॉर्म और बिल्डिंग विस्तार पर भी ब्रेक
योजना के तहत स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या 4-5 से बढ़ाकर 10-11 करने की बात कही गई थी। इसके अलावा स्टेशन के दोनों ओर बहुमंजिला भवन बनाने की योजना थी एक तरफ छह मंजिला और दूसरी ओर तीन मंजिला इमारत प्रस्तावित थी। लेकिन अब तक इन कार्यों की शुरुआत भी नहीं हो सकी है।
अतिक्रमण हटाने के बाद भी नहीं बढ़ा काम
शुरुआत में परियोजना में देरी का कारण अतिक्रमण बताया जा रहा था। इसको लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया, जिसमें वर्षों से बसे लोगों और दुकानों को हटाया गया। किटाडीह की ओर जाने वाले रास्ते पर कई दुकानों और एक पूरी बस्ती को हटाया गया। लेकिन अतिक्रमण हटने के एक से डेढ़ महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पार्किंग और ट्रैफिक सुधार की योजना भी ठप
स्टेशन के दूसरी ओर मुख्य सड़क के पास एक बड़े पार्किंग क्षेत्र का निर्माण प्रस्तावित था, जहां 200 से अधिक वाहनों के खड़े होने की सुविधा मिलती और जाम की समस्या से राहत मिलती। साथ ही प्लेटफॉर्म नंबर 1 के विस्तार की भी योजना थी, लेकिन इन योजनाओं पर भी कोई प्रगति नहीं दिख रही है।
बढ़ती लागत की भी चिंता
अब जब 2024 में पास हुआ टेंडर दो साल बाद भी जमीन पर नहीं उतरा है, तो निर्माण लागत बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। महंगाई के चलते परियोजना की कुल लागत में इजाफा होना तय माना जा रहा है।
लोगों में बढ़ रहा असंतोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों से बसे लोगों को उजाड़ दिया गया, तो अब काम में देरी क्यों हो रही है। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि शहर को आधुनिक रेलवे स्टेशन की सुविधा मिल सके।
अब बड़ा सवाल, कब शुरू होगा काम?
सभी तैयारियों और दावों के बावजूद अब तक निर्माण कार्य का शुरू न होना प्रशासन और रेलवे दोनों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। टाटानगर के लोगों को अब भी इंतजार है कि उनका स्टेशन कब आधुनिक रूप लेगा।