Jamshedpur: जमशेदपुर में जेलों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में साफ कहा गया कि कारा सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
तीनों जेलों की व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में केंद्रीय कारा घाघीडीह, मंडल कारा साकची और उपकारा घाटशिला की सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और संचालन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई. खास तौर पर घाघीडीह जेल में पेयजल की समस्या और कैदी वार्ड की स्थिति पर चर्चा हुई.
पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई
जेलर ने बताया कि जेल में पानी के लिए टैंकर पर निर्भर रहना पड़ रहा है और कई चापाकल खराब या सूख चुके हैं. इस पर उपायुक्त ने सभी खराब चापाकलों को जल्द ठीक करने और स्थायी समाधान के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना तैयार करने के निर्देश दिए.
सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
जेल परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए वॉच टावर में जैप फोर्स तैनात करने को कहा गया. इसके लिए पुलिस अधीक्षक को मुख्यालय से फोर्स मांगने के निर्देश दिए गए. साथ ही नियमित पेट्रोलिंग, औचक निरीक्षण और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया.
एमजीएम में कैदी वार्ड निर्माण की समीक्षा
एमजीएम अस्पताल, डिमना में बन रहे कैदी वार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य सुरक्षा मानकों के अनुसार और तेजी से पूरा किया जाए.
जेल भवनों की मरम्मत पर फोकस
घाघीडीह जेल के बंदी कक्ष, कारा अस्पताल और अन्य संरचनाओं की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि जेल परिसर की स्थिति बेहतर हो सके.
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि जेल सुरक्षा बेहद संवेदनशील मामला है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी. प्रशासन की प्राथमिकता कैदियों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, डीटीओ धनंजय, एसडीओ घाटशिला सुनील चंद्र, एडीएम एसओआर राहुल आनंद सहित कई अधिकारी और संबंधित विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे.