Jamshedpur News: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित भक्तिनगर के निवासी और ठेका मजदूर सत्यनारायण निषाद की मृत्यु के बाद उपजा विवाद गुरुवार को सुलझ गया. कंपनी प्रबंधन और पीड़ित परिजनों के बीच मुआवजे की राशि और अन्य सुविधाओं को लेकर चली वार्ता के बाद आधिकारिक सहमति बन गई है. प्रबंधन ने परिवार को "15 लाख रुपये" का मुआवजा देने और मृतक के पुत्र को भविष्य में नियोजन प्रदान करने का लिखित भरोसा दिया है. इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए तत्काल सहायता के रूप में 50,000 रुपये प्रदान किए गए हैं.
घटनाक्रम के अनुसार 17 मार्च को सत्यनारायण निषाद "SNS इंडस्ट्रीज" में अपनी बी शिफ्ट की ड्यूटी पूरी करने के बाद कंपनी गेट से बाहर निकल रहे थे. इसी दौरान वह अचानक मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़े. कंपनी के सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुँचाया. हालांकि अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
आंदोलन की चेतावनी के बाद झुका प्रबंधन
मजदूर की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने शुरू में कंपनी प्रबंधन के समक्ष "20 लाख रुपये" मुआवजे की मांग रखी थी. मांगें पूरी न होने की स्थिति में परिजनों ने कंपनी के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी थी. इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर चला. अंततः प्रबंधन द्वारा मुआवजा और नौकरी की मांग स्वीकार किए जाने के बाद परिजनों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.
पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
दोनों पक्षों के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद शव का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया. इसके पश्चात परिजनों ने सत्यनारायण निषाद का अंतिम संस्कार कर दिया. इस समझौते के साथ ही पिछले दो दिनों से कंपनी गेट पर बना तनाव पूरी तरह समाप्त हो गया है. स्थानीय श्रमिक संगठनों ने भी प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख की सराहना की है.