Jamshedpur: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित माईकल जॉन ऑडिटोरियम में केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पंचायत स्तर के कर्मियों ने भाग लिया।
योजनाओं की निगरानी और प्रक्रिया की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन और परिवार लाभ योजना की समीक्षा प्रक्रिया और सामाजिक अंकेक्षण की विधि को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों को बताया गया कि अंकेक्षण के माध्यम से योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है।
पंचायत स्तर पर तय समय सीमा में होगा अंकेक्षण
कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि जिले के सभी प्रखंडों में पंचायतवार सामाजिक अंकेक्षण का कार्य निर्धारित समयावधि में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस दौरान लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और उनके दस्तावेजों की जांच भी होगी।
जनसुनवाई के माध्यम से होगी शिकायतों की सुनवाई
अंकेक्षण प्रक्रिया के तहत ग्राम सभा, वार्ड सभा और लाभुक सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद प्रखंड स्तर पर जनसुनवाई होगी। इसमें सामने आने वाली समस्याओं और शिकायतों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे आगे उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।
दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अपील
अधिकारियों ने सभी लाभुकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड के साथ उपस्थित रहें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
अयोग्य लाभुकों की पहचान पर भी फोकस
सामाजिक अंकेक्षण के जरिए ऐसे लाभुकों की पहचान भी की जाएगी, जो अब पात्र नहीं हैं, जिनका निधन हो चुका है या जो अन्यत्र स्थानांतरित हो गए हैं। इससे योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पारदर्शी व्यवस्था पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और गुणवत्ता बेहद जरूरी है। सभी संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आपसी तालमेल के साथ निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभागीय अधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, अंचल अधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव और अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी को अंकेक्षण कार्य को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।