Kolhan University: कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वेतन वितरण की पुरानी प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है. कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता के आदेशानुसार अब विश्वविद्यालय का पूरा पेरोल मैनेजमेंट सिस्टम "ई-समर्थ पोर्टल" पर स्थानांतरित कर दिया गया है. इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब मार्च 2026 के महीने का वेतन विवरण और पेमेंट स्लिप केवल इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जेनरेट और स्वीकृत की जाएगी.
पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, चाईबासा मुख्यालय के सभी स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नए पोर्टल के साथ जुड़ना अनिवार्य कर दिया गया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य वेतन भुगतान की प्रक्रिया को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू बनाना है. अब कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्लिप या वेतन संबंधी अन्य विवरणों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सारा डेटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा.
डेटा सत्यापन के लिए कर्मचारियों को निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वेतन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के व्यवधान से बचने के लिए सभी स्थायी कर्मियों को अपने सेवा संबंधी रिकॉर्ड और व्यक्तिगत आंकड़े पोर्टल पर अपडेट करने होंगे. कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते अपने प्रोफाइल का मिलान कर लें ताकि मार्च माह के वेतन भुगतान में कोई देरी न हो. डिजिटल इंडिया अभियान के तहत कोल्हान विश्वविद्यालय अब अपने प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर दिख रहा है.
तकनीकी सहायता के लिए विशेष टीम गठित
यदि पोर्टल पर डेटा अपलोड करने या तकनीकी खराबी के कारण किसी कर्मचारी का वेतन विवरण जेनरेट करने में समस्या आती है, तो उसके समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने एक विशेष "ई-समर्थ टीम" का गठन किया है. चाईबासा स्थित मुख्यालय में कार्यरत यह टीम तकनीकी त्रुटियों को दूर करने में कर्मचारियों की मदद करेगी. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शुरुआती दौर में आने वाली चुनौतियों का त्वरित समाधान किया जाएगा ताकि नए सिस्टम को बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक लागू किया जा सके.