Jamshedpur Drainage System: लौहनगरी जमशेदपुर की ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने और सुवर्णरेखा नदी को स्वच्छ रखने के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने कमर कस ली है. शहर के गंदे पानी को सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए 86.61 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख नालों के स्वरूप को बदला जाएगा, ताकि शहरी कचरा और दूषित जल प्राकृतिक जलस्रोतों को और अधिक नुकसान न पहुंचा सके.
आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का होगा निर्माण
इस पूरी योजना का मुख्य केंद्र बिंदु 44 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले एक अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण है. वर्तमान में मोहरदा, बागुनहातु, भोजपुर कॉलोनी और बारीडीह जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बड़े नालों का गंदा पानी बिना किसी उपचार के सीधे सुवर्णरेखा नदी में बहता है. नई तकनीक के माध्यम से अब इन नालों के पानी को मोड़कर (इंटरसेप्शन और डायवर्जन) सीधे प्लांट तक ले जाया जाएगा, जहां उसे वैज्ञानिक पद्धति से साफ करने के बाद ही आगे प्रवाहित किया जाएगा.
एजेंसियों के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू
जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति देने के लिए एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. आगामी 28 मार्च से 17 अप्रैल तक इच्छुक एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. चयन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद निर्माण कार्य का जिम्मा सौंप दिया जाएगा. विभाग का लक्ष्य है कि शहर के इन चार प्रमुख क्षेत्रों से निकलने वाली गंदगी को पूरी तरह नियंत्रित कर नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवित किया जा सके.
दो साल में पूरा होगा निर्माण और संचालन का जिम्मा
अनुबंध की शर्तों के अनुसार, जिस भी एजेंसी को यह काम सौंपा जाएगा, उसे दो साल के भीतर पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संपन्न करना होगा. केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि अगले पांच वर्षों तक इस पूरे सिस्टम के संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी की होगी. इस व्यापक योजना से न केवल नदी प्रदूषण मुक्त होगी, बल्कि स्थानीय बस्तियों में रहने वाले हजारों लोगों को नालों से आने वाली दुर्गंध और गंदगी से भी हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.