NIOS Block Level Centers: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने देश में स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को वापस पढ़ाई से जोड़ने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत साल 2030 तक प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर तक 100% नामांकन का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए अब “नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग” (NIOS) को हर प्रखंड (ब्लॉक) स्तर पर पहुंचाया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
ढूंढे जाएंगे ड्रॉपआउट बच्चे
आंकड़ों के मुताबिक, कक्षा 3 से 8 के बीच करीब 11% बच्चे हर साल स्कूल छोड़ देते हैं. इस संकट को दूर करने के लिए सरकार “एनआईओएस मित्र” कार्यक्रम शुरू कर रही है. इसमें प्रशिक्षित स्वयंसेवक और मार्गदर्शक सीधे समुदायों के बीच जाएंगे. वे उन बच्चों की पहचान करेंगे जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और उनके माता-पिता की काउंसलिंग कर उनका दोबारा दाखिला सुनिश्चित कराएंगे.
स्कूल बनेंगे परीक्षा केंद्र
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पीएमश्री स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूलों को एनआईओएस केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. मंत्रालय का लक्ष्य है कि हर ब्लॉक में कम से कम एक ऐसा केंद्र हो जहां बच्चे आसानी से पढ़ सकें और परीक्षा दे सकें. पंचायतों और नगरपालिकाओं के स्कूलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
हाशिए पर रहने वालों को प्राथमिकता
यह योजना खास तौर पर जनजातीय, प्रवासी और आर्थिक रूप से पिछड़े समूहों के बच्चों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. एनआईओएस की खासियत यह है कि यहां बच्चे अपनी गति से सीख सकते हैं और साथ ही कौशल आधारित (Skill-based) कोर्स भी कर सकते हैं. सरकार का मानना है कि यह कदम “विकसित भारत 2047” के सपने को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत नींव साबित होगा.