Tax Target 2026: नगर निगम की जांच में कई बड़े संस्थानों द्वारा संपत्ति का क्षेत्रफल कम दिखाकर टैक्स चोरी करने का मामला सामने आया है. हिनू स्थित सृष्टि हॉस्पिटल ने कागजों में 14,100 वर्गफीट क्षेत्रफल दिखाया था, जो जांच में 24,870 वर्गफीट निकला. इसी तरह अरगोड़ा के संतति आईवीएफ एवं लिटिल हार्ट हॉस्पिटल का वास्तविक क्षेत्रफल 32,127 वर्गफीट पाया गया, जबकि उन्होंने केवल 19,700 वर्गफीट घोषित किया था. इन विसंगतियों ने निगम के राजस्व को बड़ा चूना लगाया है.
लक्ष्य के करीब पहुंचा निगम
इस वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 100 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब 94 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है. शेष 6 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने टीम को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं. निगम का मुख्य फोकस अब उन बकाएदारों और गलत जानकारी देने वाले भवन मालिकों पर है, जिन्होंने अपने भवनों के विस्तार के बावजूद पुराना टैक्स ही जमा किया है.
लगेगी 100 प्रतिशत पेनाल्टी
नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि फिजिकल वेरिफिकेशन (भौतिक सत्यापन) के दौरान जिन संपत्तियों का क्षेत्रफल गलत पाया जाएगा, उनसे बकाया टैक्स के साथ 100 प्रतिशत पेनाल्टी वसूली जाएगी. अधिकारियों ने भवन मालिकों को सलाह दी है कि वे स्वयं सही विवरण देकर अपना टैक्स अपडेट कर लें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने के लिए तैयार रहें. बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
पारदर्शी टैक्स प्रणाली पर जोर
नगर आयुक्त ने कहा कि समय पर और सही टैक्स जमा करना शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य है. टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अब नियमित रूप से भवनों की नापी और सत्यापन किया जाएगा. निगम को उम्मीद है कि इस सख्ती से न केवल कर चोरी रुकेगी, बल्कि 100 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य भी समय सीमा के भीतर आसानी से हासिल कर लिया जाएगा.