इस दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली। शेष मामलों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए उनके शीघ्र और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए गए। जनता दरबार में भूमि विवाद, राजस्व मामले, सरकारी योजनाओं का लाभ, आधारभूत सुविधाएं जैसे जल, बिजली और सड़क, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा तथा आवास योजनाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जनता दरबार के दौरान सामने आए प्रमुख मामलों में BIT मेसरा, होंबई निवासी महिला द्वारा जमीन और मकान की बिक्री से जुड़ी शिकायत शामिल रही, जिस पर अंचल अधिकारी को जांच कर दाखिल-खारिज पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। वहीं नामकुम निवासी के मामले में गलत वंशावली बनाकर जमीन हड़पने के आरोप पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर को जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया।
इटकी थाना क्षेत्र के एक मामले में भू-माफिया से मिलकर जमीन पर अवैध निर्माण की शिकायत सामने आई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खलारी प्रखंड की कविता उरांव के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में लापरवाही पर अंचल अधिकारी को पंचायत सचिव को शो-कॉज करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा सिल्ली निवासी द्वारा जमीन का सीमांकन नहीं किए जाने की शिकायत पर तत्काल नापी कराने का निर्देश दिया गया, जबकि मांडर के कंजिया गांव निवासी के मामले में शुल्क जमा करने के बावजूद जमीन की मापी नहीं होने पर संबंधित अमीन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शो-कॉज करने को कहा गया।
इस अवसर पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार जिला प्रशासन और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनके द्वार पर ही सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध सेवा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित ऐसे जनता दरबारों के माध्यम से हजारों नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।