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  • 2026-03-24

Jharkhand Electricity Tariff Hike: झारखंड के 54 लाख उपभोक्ताओं को लगेगा "बिजली का झटका", कल जारी होंगी नई दरें; 60 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

Jharkhand Electricity Tariff Hike: झारखंड के 54 लाख बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर कल बड़ा बोझ पड़ने वाला है. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग कल यानी 25 मार्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा करेगा. आयोग राज्य के सभी पांचों प्रमंडलों में जनसुनवाई की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर चुका है. बिजली वितरण निगम ने अपने घाटे की भरपाई के लिए टैरिफ में करीब 60 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग को सौंपा है, जिस पर कल अंतिम मुहर लगनी बाकी है.

घरेलू बिजली दस रुपये प्रति यूनिट के पार होने की तैयारी
बिजली वितरण निगम के प्रस्ताव के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर वर्तमान 6.85 रुपये से बढ़ाकर 10.30 रुपये प्रति यूनिट करने की तैयारी है. साथ ही फिक्स्ड चार्ज भी 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये मासिक किया जा सकता है. ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर भी बड़ा असर पड़ेगा, जहां दर 6.70 रुपये से बढ़ाकर 10.20 रुपये प्रति यूनिट और फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये मासिक करने का सुझाव दिया गया है. यदि आयोग इन दरों को मंजूरी देता है, तो आम आदमी के मासिक बिल में डेढ़ गुना से अधिक का इजाफा होना तय है.

किसानों और उद्योगों पर भी पड़ेगी दोहरी मार
निगम ने केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और कृषि टैरिफ में भी भारी उछाल का प्रस्ताव रखा है. सिंचाई के लिए वर्तमान दर 5.30 रुपये से बढ़ाकर 9 से 10 रुपये प्रति यूनिट करने की बात कही गई है. वहीं, औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए दर 5.90 रुपये से बढ़ाकर 9.25 रुपये प्रति यूनिट और फिक्स्ड चार्ज 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति केवीए करने का प्रस्ताव है. व्यावसायिक शहरी उपभोक्ताओं के लिए भी दर 6.70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 11.00 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है, जिससे छोटे व्यापारियों की लागत काफी बढ़ जाएगी.

बढ़ते खर्चों और घाटे का दिया गया हवाला
वितरण निगम ने बिजली खरीद की बढ़ती कीमतों और बुनियादी ढांचे के रखरखाव में होने वाले खर्चों को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया है. हालांकि, उपभोक्ता संगठनों ने इस भारी वृद्धि का विरोध किया है और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ करार दिया है. अब सबकी नजरें कल आने वाले नियामक आयोग के फैसले पर टिकी हैं कि क्या आयोग निगम के इस 60 फीसदी बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार करता है या उपभोक्ताओं को कुछ राहत देता है.
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