Jharkhand News: झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 नए चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके.
मंत्री ने बताया कि पिछले एक साल में सरकार ने 8 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में काम किया है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और इलाज दोनों में सुधार होगा. साथ ही डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही जेपीएससी के माध्यम से 1250 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने नए नियुक्त डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ अस्पतालों की कमियों पर भी नजर रखें और सरकार को इसकी जानकारी दें.
मेडिकल यूनिवर्सिटी और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड में पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के छात्र-छात्राएं यहीं चिकित्सा की पढ़ाई कर सकेंगे. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े.
उन्होंने यह भी बताया कि ब्लड सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए टोल फ्री नंबर के साथ नई व्यवस्था तैयार की जा रही है. वहीं सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों की पहचान के लिए राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक झारखंड को टीबी मुक्त बनाया जाए, जिसके लिए खासकर आदिवासी क्षेत्रों में अभियान चलाए जा रहे हैं. साथ ही अस्पतालों में एआई और रोबोटिक तकनीक लागू करने की दिशा में भी काम हो रहा है.
टीबी जांच का बढ़ाया गया लक्ष्य
कार्यक्रम में मौजूद अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि टीबी खत्म करने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. साल 2025 में 100 दिन के अभियान के दौरान करीब 9.5 लाख लोगों की जांच की गई, जो 2024 की तुलना में दोगुनी है. इस साल 12 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आधुनिक सुविधाओं और संसाधनों के जरिए पूरा किया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों की नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से की गई है और सभी चयनित चिकित्सकों को अपने कार्यस्थल पर जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा.
टीबी जागरूकता के लिए विशेष वाहन रवाना
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जागरूकता फैलाने के लिए विशेष वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये वाहन राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों को टीबी से बचाव और इलाज के बारे में जानकारी देंगे.
कार्यक्रम का समापन राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने और टीबी मुक्त झारखंड बनाने के संकल्प के साथ हुआ.