Jamshedpur: जमशेदपुर सहित आसपास के इलाकों में रहने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 से बिजली महंगी होने जा रही है। झारखंड विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) ने टाटा स्टील ग्रुप की तीन कंपनियों टाटा स्टील यूआईएसएल, टाटा स्टील लिमिटेड और टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के नए टैरिफ को मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
टैरिफ बढ़ोतरी और दरों का विवरण
कंपनियों ने बिजली दरों में अधिक वृद्धि का प्रस्ताव रखा था। टाटा स्टील ने 17% बढ़ोतरी का अनुरोध किया था, जबकि टाटा पावर ने 12% वृद्धि की मांग की थी। जेईआरसी ने इन प्रस्तावों को लेकर संशोधित बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी।
- शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दर 3.32 रुपये से बढ़कर 3.40 रुपये कर दी गई है।
- 0 से 100 यूनिट खपत करने वालों के लिए 3.30 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
- 100 यूनिट से अधिक खपत करने वालों के लिए दर 5.50 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
- कमर्शियल और इंडस्ट्रियल श्रेणियों में मामूली वृद्धि की गई है, जिसमें 4.27% तक की बढ़ोतरी स्वीकृत हुई है।
ग्रामीण और कृषि उपभोक्ताओं को मिली राहत
आयोग ने विशेष रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है। इन क्षेत्रों में बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, ताकि किसानों और ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।
उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं
जेईआरसी ने बिजली उपभोक्ताओं के हित में कुछ सुविधाएं भी तय की हैं:
- 5 दिनों के भीतर बिल का भुगतान करने पर 2% रियायत।
- प्रीपेड मीटर अपनाने पर 3% छूट।
- सुरक्षा जमा राशि की वापसी की सुविधा।
- मीटर रेंट की अनुमति नहीं।
बढ़ी हुई दरों का असर
इस टैरिफ सुधार के बाद शहरी उपभोक्ताओं को बिल में थोड़ी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने से उन्हें कोई अतिरिक्त भार नहीं झेलना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय उपभोक्ताओं के हित और सतत ऊर्जा विकास को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसका उद्देश्य बेहतर बिजली आपूर्ति और सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करना है।
- जेईआरसी और कंपनियों का कहना है कि नई दरें ऊर्जा उपयोग में संतुलन बनाए रखने और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेंगी।
- शहरी क्षेत्रों में बिजली उपयोगकर्ता अपने बिल भुगतान और प्रीपेड मीटर जैसी सुविधाओं के माध्यम से अतिरिक्त लाभ उठा सकते हैं।
इस बदलाव के बाद, जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं को मामूली वित्तीय समायोजन करना होगा, लेकिन ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में राहत की वजह से वहां की जनता को कोई अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।