Electricity Rate Hike: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को राज्य के लिए नई बिजली दरों का एलान कर दिया है. आयोग ने ओवरऑल बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है. बता दें कि झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने दरों में 59 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने जनहित में काफी कम कर दिया. आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नवनीत कुमार ने कहा कि यह नया टैरिफ सामाजिक विकास और सभी हितधारकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
किसानों को बड़ी राहत, कृषि टैरिफ में कोई बदलाव नहीं
बढ़ती कीमतों के बीच राज्य के किसानों के लिए अच्छी खबर है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं की गई है. कृषि क्षेत्र के लिए पुराना टैरिफ ही प्रभावी रहेगा, जिससे खेती-किसानी की लागत पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा. सरकार और आयोग का यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है.
डिस्ट्रीब्यूशन लॉस पर आयोग की सख्ती, केवल 13% को मिली मंजूरी
बिजली वितरण में होने वाले नुकसान (Distribution Loss) को लेकर आयोग ने निगम को कड़ी फटकार लगाई है. वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2026-27 के लिए 25 से 28 फीसदी तक डिस्ट्रीब्यूशन लॉस का दावा किया था, लेकिन आयोग ने इसे सिरे से खारिज करते हुए केवल 13 फीसदी लॉस को ही मान्यता दी है. इसका सीधा मतलब है कि निगम को अब अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी और बिजली चोरी व तकनीकी खामियों पर लगाम लगानी होगी.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट और राजस्व का गणित
आयोग ने अगले तीन वित्तीय वर्षों के लिए राजस्व दावों पर भी अपना फैसला सुनाया है. वर्ष 2026-27 के लिए जहां वितरण निगम ने 12,678.17 करोड़ रुपये का दावा पेश किया था, वहीं आयोग ने केवल 10,832.70 करोड़ रुपये की ही मंजूरी दी है. इसी तरह पिछले वर्षों के दावों में भी बड़ी कटौती की गई है. नई दरें लागू होने के बाद अब घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के मासिक बिल में आंशिक बढ़ोतरी देखी जाएगी, जिससे विभाग के राजस्व घाटे को पाटने की कोशिश की जाएगी.