SBI Manager Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल ऑफिस ने करोड़ों रुपये के बैंकिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. रांची स्थित विशेष PMLA अदालत में सौंपी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, मनोज कुमार ने जनवरी 2013 से सितंबर 2020 के बीच साहिबगंज और दुमका की पांच अलग-अलग शाखाओं में तैनाती के दौरान पद का जमकर दुरुपयोग किया. सीबीआई और स्थानीय पुलिस की एफआईआर पर आधारित इस जांच में पाया गया कि आरोपी ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर बैंकिंग रिकॉर्ड्स में हेराफेरी की और बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया.
5.40 करोड़ की काली कमाई और 440 खाताधारकों से ठगी
ED के खुलासे के अनुसार, मनोज कुमार ने सुनियोजित तरीके से कुल 5.40 करोड़ रुपये की "अपराध की कमाई" (Proceeds of Crime) जुटाई. धोखाधड़ी के लिए उसने दो मुख्य तरीके अपनाए: पहला, चार शाखाओं में अनधिकृत लेनदेन के जरिए बैंक को 3.38 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान पहुंचाया, और दूसरा, शिकारीपाड़ा शाखा में 440 भोले-भाले खाताधारकों के साथ ठगी कर उनके 1.05 करोड़ रुपये हड़प लिए. इसके अलावा, आरोपी के पास 1.24 करोड़ रुपये की "आय से अधिक संपत्ति" (DA) होने के भी पुख्ता प्रमाण मिले हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग में पत्नी की भूमिका और काली कमाई की “लेयरिंग”
इस काली कमाई को सफेद करने के लिए मनोज कुमार ने अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया. जांच में पाया गया कि उनकी पत्नी नीतू कुमारी ने जानबूझकर अपने बैंक खातों का उपयोग इस अवैध पैसे को घुमाने के लिए होने दिया. साहिबगंज में स्थित उनकी आलीशान रिहायशी संपत्ति भी इसी घोटाले के पैसे से खरीदी गई थी. गौरतलब है कि सीबीआई की तलाशी में इनके पास से 10 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए थे. पिछले सप्ताह ही ED ने लगभग 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया है.
अदालती कार्रवाई और संपत्तियों की कुर्की की तैयारी
विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब दोनों आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं के तहत कड़ी सजा और अवैध तरीके से बनाई गई संपत्ति की अंतिम कुर्की की मांग की है. बैंकिंग सेक्टर में इस तरह के बड़े और सुनियोजित घोटाले के पर्दाफाश से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. फिलहाल, अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों के बीच सख्त संदेश गया है.