Jharkhand News: झारखंड में 1 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होने जा रहा है, जो इस बार पूरी तरह आधुनिक तकनीक से जुड़ा होगा. यह केवल जनसंख्या की गिनती नहीं होगी, बल्कि हर परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का विस्तृत रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा. सरकार इसे एक डिजिटल दस्तावेज के रूप में तैयार कर रही है, जिससे राज्य के विकास की सही तस्वीर सामने आ सके.
डिजिटल और घर-घर सर्वे की सुविधा
इस बार जनगणना को आसान बनाने के लिए दो तरीके अपनाए गए हैं. एक ओर सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे, वहीं दूसरी ओर लोगों को ऑनलाइन माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है. सेल्फ-इन्यूमरेशन की इस सुविधा से व्यस्त लोग आसानी से प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, जिसके बाद अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
40 सवालों में घर और सुविधाओं का पूरा ब्यौरा
मकान सूचीकरण और आवास गणना के दौरान करीब 33 से 40 सवाल पूछे जाएंगे. इसमें मकान की बनावट, दीवार और छत में उपयोग सामग्री, घर का उपयोग, पेयजल, शौचालय, बिजली, गैस, स्नान और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी. साथ ही मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर, इंटरनेट और साइकिल, बाइक, कार जैसे साधनों की उपलब्धता से परिवार के जीवन स्तर का आकलन किया जाएगा.
सामाजिक-आर्थिक स्थिति का भी होगा आकलन
जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया, आय के स्रोत, बैंक खाते, छोटे व्यवसाय, दिव्यांग सदस्य और बाहर काम करने वाले लोगों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी. सरकार का मानना है कि इन आंकड़ों के आधार पर राज्य की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, ताकि जरूरतमंदों तक सुविधाएं सही तरीके से पहुंच सकें.