Ranchi Tribal Women Harassment: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत भाभा नगर से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई थी. यहां कुछ दबंगों ने 28 मार्च को आदिवासी महिलाओं के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट और अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके चेहरों पर कालिख पोतकर उन्हें पूरे मोहल्ले में घुमाया. "न्यूज़ 26 झारखंड" पर इस खबर के प्रमुखता से प्रसारित होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश की आग भड़क उठी. पीड़ित महिला ने रोते हुए बताया कि आरोपी पिछले कई दिनों से उन्हें लगातार टॉर्चर कर रहे थे और इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे और डर में जीने को मजबूर है.
आक्रोशित संगठनों ने किया हंगामा, आरोपियों के घर तोड़फोड़
महिलाओं के साथ हुए इस अमानवीय और क्रूर व्यवहार के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठन उग्र होकर सड़कों पर उतर आए. आक्रोशित लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया. इस बीच जनता का गुस्सा इस कदर फूटा कि प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के घर पर धावा बोल दिया और वहां जमकर तोड़फोड़ की, जिससे पूरे भाभा नगर इलाके में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई. सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत कराया.
पुलिस एक्शन में: 4 दरिंदे गिरफ्तार, जेल भेजे गए
"न्यूज़ 26 झारखंड" की खबर के असर और जनता के भारी दबाव के बाद सदर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई. पुलिस के वरीय अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि इस शर्मनाक कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपियों सहित कुल 4 लोगों को दबोच लिया है और कागजी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सीधे सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया गया है. पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी.
हालात काबू में, पर रसूखदारों की मानसिकता पर गंभीर सवाल
फिलहाल पुलिस की भारी तैनाती और मुस्तैदी के बाद भाभा नगर इलाके में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. पुलिस की गश्ती टीम लगातार क्षेत्र में नजर रख रही है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न घटे. लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासियों के प्रति कुछ रसूखदार लोगों की घटिया मानसिकता पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह भी उठता है कि जब कई दिनों से प्रताड़ना का खेल चल रहा था, तब स्थानीय पुलिस की खुफिया आंखें क्या कर रही थीं?