Janvhi Kapoor: बॉलीवुड में डेब्यू करना जितना ग्लैमरस दिखता है, उतना आसान नहीं होता. जाह्नवी कपूर के लिए "धड़क" से शुरुआत भले ही सफल रही, लेकिन पर्दे के पीछे उनका सफर बेहद मुश्किलों से भरा था. हाल ही में उन्होंने खुलकर बताया कि कैसे ट्रोलिंग और निजी जीवन के दर्द ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार कर दिया था.
मां को खोने का दर्द और करियर का दबाव से मानसिक रुप से कमजोर पड़ गई थी जान्हवी
जाह्नवी कपूर ने बताया कि "धड़क" की रिलीज से पहले ही उन्होंने अपनी मां श्रीदेवी को खो दिया था. ऐसे में एक तरफ करियर की शुरुआत का दबाव था, तो दूसरी तरफ निजी जिंदगी का गहरा दुख. उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में वह मानसिक रूप से काफी कमजोर हो गई थीं. बाहर से सब कुछ ठीक दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर वह टूट रही थीं. उनके लिए "धड़क" से जुड़ी यादें आज भी भावनात्मक रूप से भारी हैं.
ट्रोलिंग ने तोड़ दिया जान्हवी के सक्सेसफुल करियर का सपना
जाह्नवी ने यह भी साझा किया कि सोशल मीडिया पर मिल रही आलोचनाओं ने उनकी स्थिति को और कठिन बना दिया. उन्हें ऐसा लगने लगा था कि लोग उन्हें पसंद नहीं करते और उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि वह लगातार नकारात्मक प्रतिक्रियाओं पर ही ध्यान देती रहीं, जिससे उनका आत्मविश्वास बुरी तरह प्रभावित हुआ. यहां तक कि इस वजह से उनकी नींद भी प्रभावित होने लगी थी.
सफलता के बावजूद महसूस नहीं कर पा रही थी खुशी
दिलचस्प बात यह है कि "धड़क" बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया. लेकिन जाह्नवी के लिए उस समय यह सफलता मायने नहीं रखती थी. उन्होंने माना कि मानसिक तनाव इतना ज्यादा था कि वह अपनी उपलब्धियों को महसूस ही नहीं कर पा रही थीं.
अपने संघर्ष से निकल कर खुद को किया साबित
समय के साथ जाह्नवी कपूर ने खुद को संभाला और धीरे-धीरे इस मुश्किल दौर से बाहर आई. उन्होंने "गुंजन सक्सेना", "रूही" और "गुड लक जेर" जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से खुद को एक मजबूत कलाकार के रूप में स्थापित किया. आज वह अपने अनुभवों को खुलकर साझा करती हैं, ताकि लोग यह समझ सकें कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे भी संघर्ष और मानसिक दबाव की एक सच्चाई होती है.
जाह्नवी कपूर की यह कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की है जो कई लोग अपने जीवन में चुपचाप झेलते हैं. यह हमें याद दिलाती है कि सफलता के पीछे कई बार अनदेखा दर्द भी छुपा होता है.