Ranchi Breaking: राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की जमीन पर अवैध अतिक्रमण और फर्जीवाड़े के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है. ACB ने जमीन की अवैध खरीद-बिक्री में सीधे तौर पर संलिप्त पाए जाने के बाद ब्रोकर और पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान कार्तिक बढाईक, राज किशोर बढाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा के रूप में हुई है. इस गिरफ़्तारी से पहले ACB कई अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व कर्मियों से लंबी पूछताछ कर चुकी है.
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर, कई विभागों के अफसर रडार पर
यह पूरी कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बाद शुरू हुई है. ACB ने इसी साल 5 जनवरी को रिम्स प्रबंधन, राजस्व कार्यालय, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय, रेरा (RERA) और आरआरडीए (RRDA) के अज्ञात पदाधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच का दायरा अब उन अधिकारियों तक पहुंच गया है जिन्होंने विवादित जमीन का निबंधन और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) किया था. ACB अब उन बिल्डरों और भू-माफियाओं की लिस्ट तैयार कर रही है जिन्होंने सरकारी जमीन पर अपार्टमेंट खड़े कर दिए थे.
अवैध निर्माण ढहाने के बाद अब आय से अधिक संपत्ति की होगी जांच
हाल ही में प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देश पर रिम्स की जमीन पर बने चार मंजिला मकानों और अन्य अवैध अतिक्रमणों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया था. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन मकानों को तोड़ा गया, उनका बकायदा निबंधन हुआ था और बैंक लोन लेकर घर बनवाए गए थे. ACB अब जांच में चिह्नित होने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध “आय से अधिक संपत्ति” (DA Case) का मामला भी दर्ज करने की तैयारी में है. इस बड़ी कार्रवाई से उन सफेदपोश चेहरों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है जिन्होंने पद का दुरुपयोग कर सरकारी जमीन की लूट की.