Subarnarekha Bridge Project: जमशेदपुर के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बामडोल में स्वर्णरेखा नदी पर 162 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण होने जा रहा है. झारखंड सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है. करीब 8.46 किलोमीटर लंबे इस पुल के बन जाने से क्षेत्र में न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी. राज्य सड़क निर्माण विभाग ने तकनीकी सर्वे और व्यवहार्यता अध्ययन के बाद इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया है, जिससे अब तीन राज्यों के सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
सांसद विद्युतवरण महतो की पहल रंग लाई, नितिन गडकरी ने दिया था आश्वासन
इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने में जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो की सक्रिय भूमिका रही है. उन्होंने संसद के पिछले सत्र के दौरान इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत मुलाकात कर इसके महत्व को समझाया था. केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार से डीपीआर प्राप्त होते ही इसे तत्काल मंजूरी दी जाएगी. अब केंद्र को रिपोर्ट भेजे जाने के बाद इस सेतु के निर्माण की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है.
औद्योगिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए “लाइफलाइन” बनेगा यह पुल
यह महासेतु झारखंड और ओडिशा के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक यातायात बेहद आसान हो जाएगा. वर्तमान में लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन इस पुल के बनने से समय और ईंधन की भारी बचत होगी. इसके अलावा, यह पुल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच को सुलभ बनाकर ग्रामीणों के लिए “लाइफलाइन” साबित होगा. पूर्वी भारत के इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है.