Jamshedpur: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर डब्बा लाइन सामुदायिक भवन के सामने वर्चस्व की लड़ाई और रामनवमी के दौरान हुई छेड़खानी के विवाद ने कुछ दिन पहले हिंसक रूप ले लिया था। दो गुटों के बीच हुए इसी टकराव में ताबड़तोड़ फायरिंग और चापड़बाजी की घटना घटित हुई थी, जिसमें गंभीर रूप से घायल हुए सन्नी पूर्ति ने आज टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सन्नी की मौत के बाद परिजन शव लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि इस घटना ने उनके घर की पूरी जिंदगी बदल दी है, इसलिए प्रशासन से न्याय के साथ आर्थिक सहायता भी दी जानी चाहिए।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर बढ़ा तनाव, क्यूआरटी की तैनाती
मुआवजे की मांग को लेकर जब परिजन शव के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। हालात को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए डीसी ऑफिस के बाहर क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस टीम की भी तैनाती की गई। परिजन लगातार प्रशासन से परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं।
गोली और चापड़ हमले से हालत हुई थी नाजुक
बताया जा रहा है कि 31 मार्च को हुई इस घटना में सन्नी पूर्ति के साथ नंदू लोहार नामक युवक भी घायल हुआ था। हालांकि इलाज के बाद नंदू लोहार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन सन्नी की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। जानकारी के अनुसार सन्नी की एक आंख में गोली लगी थी। इसके अलावा उसके सिर और हाथ पर चापड़ से भी हमला किया गया था। गंभीर चोटों की वजह से उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही और आखिरकार आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने पहले ही कर ली थी आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। घटनास्थल से दो पिलेट और दो खोखा बरामद किए गए थे, जिससे फायरिंग की पुष्टि हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस कांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और वे न्याय के साथ उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।