Jharkhand News: रांची यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में अनियमितताओं से जुड़े मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति (VC), डीन और लॉ कॉलेज के निदेशक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. अदालत ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि कॉलेज का संचालन हर हाल में यूजीसी (UGC) और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए.
BCI की कमेटी करेगी निरीक्षण, 6 मई को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एक विशेष कमेटी गठित करने का आदेश दिया है, जो तीन सप्ताह के भीतर कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक मानकों का विस्तृत निरीक्षण करेगी. इस कमेटी को अपनी रिपोर्ट सीधे अदालत में पेश करनी होगी, ताकि कॉलेज की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित की है. सुनवाई के दौरान बीसीआई की ओर से अधिवक्ता प्रशांत सिंह और राधा कृष्ण गुप्ता ने नियमों के उल्लंघन से जुड़े महत्वपूर्ण पक्ष रखे.
छात्रों के भविष्य पर संशय, एडमिशन पर रोक जारी
अदालत ने अपने पिछले आदेश को बरकरार रखते हुए कॉलेज में नए एडमिशन पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि जब तक बार काउंसिल की रिपोर्ट और कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक संस्थान में नामांकन की प्रक्रिया बाधित रहेगी. कोर्ट का यह कड़ा रुख उन संस्थानों के लिए एक चेतावनी है जो आवश्यक मापदंडों को पूरा किए बिना शैक्षणिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं. फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन को अब कमेटी की जांच और कोर्ट के अगले दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा.