Chaibasa News: अडानी समूह के अधीन संचालित एसीसी सीमेंट कंपनी के झींकपानी प्लांट को 5 मई से बंद किए जाने के मुद्दे पर सोमवार को चाईबासा समाहरणालय सभागार में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई. परिवहन मंत्री दीपक बिरूवा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्लांट बंदी से प्रभावित विभिन्न पक्षों ने अपनी बातें रखीं, लेकिन बैठक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी.
बैठक में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सिंहभूम सांसद जोबा माझी, उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा जिले के सभी एसडीओ, जिला खनन पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, झींकपानी एवं टोंटो प्रखंड के प्रमुख, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी, मुखिया, मानकी, ग्रामीण मुंडा, श्रमिक, कर्मचारी तथा स्थानीय ग्रामीण-रैयत भी शामिल हुए.
कंपनी ने कहा- बोर्ड के निर्णय के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
बैठक के बाद एसीसी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रमेश बालमुचू ने बताया कि वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन ने कहा कि प्लांट के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय कंपनी के बोर्ड स्तर पर लिया जाएगा. जब तक बोर्ड की ओर से कोई फैसला नहीं होता, तब तक प्लांट संचालन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा सकती.
संघर्ष समिति ने उठाए बैठक की व्यवस्था पर सवाल
रमेश बालमुचू ने बैठक के आयोजन स्थल पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यदि बैठक झींकपानी में आयोजित की जाती तो प्लांट बंदी से प्रभावित अधिक से अधिक लोग अपनी बात रख पाते. चाईबासा के बंद सभागार में बैठक होने के कारण कई प्रभावित लोगों की भागीदारी संभव नहीं हो सकी.
कोई ठोस निर्णय नहीं निकलने से बढ़ी चिंता
संघर्ष समिति का कहना है कि बैठक में किसी भी मुद्दे पर स्पष्ट चर्चा या ठोस निर्णय नहीं हो सका. प्लांट बंदी से प्रभावित श्रमिकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं मिली है. बैठक के बाद भी प्लांट के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
5 मई से बंद है झींकपानी प्लांट
गौरतलब है कि एसीसी सीमेंट कंपनी ने बिना पूर्व सूचना के 5 मई से झींकपानी प्लांट का संचालन बंद कर दिया था. इसके बाद से श्रमिकों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच रोजगार और आजीविका को लेकर चिंता बनी हुई है. अब सभी की नजर कंपनी बोर्ड के आगामी फैसले और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हुई है.