Jamshedpur: शहर में दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति से परेशान लोगों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखने लगा है। शुक्रवार को जमशेदपुर अभिभावक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का साफ कहना है कि आखिर कब तक वे इस तरह का गंदा पानी पीने को मजबूर रहेंगे? पिछले करीब तीन हफ्तों से शहर के कई इलाकों, खासकर सोनारी और कदमा में पानी की स्थिति बहुत खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
सोनारी-कदमा में हालात गंभीर, पानी में कीड़े और गंदगी
प्रदर्शनकारियों के अनुसार कदमा क्षेत्र के भाटिया बस्ती, उलियान, रामजन्मनगर और शास्त्रीनगर के साथ-साथ सोनारी के कैलाश नगर और कागलनगर जैसे इलाकों में हालात बहुत चिंताजनक हैं। लोगों का कहना है कि नल से आने वाले पानी में साफ तौर पर मिट्टी, कचरा और यहां तक कि कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं। पानी से तेज बदबू आ रही है और उसका रंग पीला हो गया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या यह पानी पीने योग्य है या लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?
“बर्तन में रखने पर जम जाती है गंदगी”, विशेषज्ञ की चेतावनी
अभिभावक संघ के डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि पानी की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि यदि उसे कुछ समय के लिए किसी बर्तन में छोड़ दिया जाए तो नीचे गंदगी की परत जम जाती है और बदबू तेज हो जाती है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह का पानी पीने से लोगों में गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
कंपनी पर लापरवाही का आरोप, जांच की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जल आपूर्ति करने वाली संबंधित कंपनी के पास गुणवत्ता जांच के मानक प्रमाणन होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही आखिर क्यों हो रही है? कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गंदा पानी लेकर पहुंचे लोग, चेतावनी भी दी
लोग अपने साथ बोतलों में गंदा पानी भरकर डीसी कार्यालय पहुंचे, ताकि प्रशासन को हकीकत दिखाई जा सके। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर सवालों का जवाब कब देता है और शहरवासियों को कब तक स्वच्छ पानी मिल पाता है।