Jharkhand News: झारखंड में सूचना आयुक्तों के चार रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है. राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित नामों में से तीन किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जिस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार विधिक राय ले रहे हैं. सरकार ने झामुमो के तनुज खत्री, कांग्रेस के अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा के शिवपूजन पाठक के नाम भेजे हैं. राज्यपाल ने विशेष रूप से यह पूछा है कि क्या सक्रिय राजनीतिक पदों पर रहे ये व्यक्ति सूचना आयुक्त पद के लिए अर्हता रखते हैं या नहीं. कई संगठनों ने भी इन नियुक्तियों का विरोध करते हुए राज्यपाल से इन्हें रद्द करने की मांग की है.
हाईकोर्ट की डेडलाइन और सरकार की अधूरी अनुशंसा
राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसे लेकर झारखंड हाईकोर्ट बेहद सख्त है. सरकार ने कोर्ट में 7 अप्रैल तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हो सका है. दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए किसी नाम की अनुशंसा नहीं की है और सूचना आयुक्त के भी केवल चार पदों के लिए नाम भेजे हैं, जबकि दो पद अब भी रिक्त रखे जा सकते हैं. मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होनी है, जिससे पहले राज्यपाल का निर्णय अहम होगा.
11 अप्रैल तक निर्णय की उम्मीद, वापस हो सकती है फाइल
विधिक राय में यदि राजनीतिक दल के नेताओं को इस संवैधानिक पद के योग्य नहीं पाया गया, तो राज्यपाल इस अनुशंसा फाइल को वापस भी कर सकते हैं. वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा के नाम पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन अन्य तीन नामों पर पेंच फंसा हुआ है. उम्मीद जताई जा रही है कि हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले, यानी 11 अप्रैल तक राज्यपाल इस संवेदनशील मामले पर अपना अंतिम फैसला ले लेंगे. यदि अनुशंसा वापस होती है, तो राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ा झटका होगा और उसे नए सिरे से नामों का चयन करना पड़ सकता है.