Jamshedpur: घाघीडीह जेल में बंद स्क्रैप व्यवसायी हर्षवर्धन की परेशानियां कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने शुक्रवार को विशेष आर्थिक अपराध न्यायालय में उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही एजेंसी ने अदालत से अनुमति लेकर आरोपी से जेल के भीतर ही पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है, जिससे मामले में और नए पहलुओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जेल में ही पूछताछ की तैयारी, बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसी का मानना है कि हर्षवर्धन से जेल में पूछताछ के जरिए न केवल नए साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं, बल्कि इस पूरे मामले से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंच बनाई जा सकती है। बता दें कि 11 फरवरी की रात DGGI ने टेल्को पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। तब से वह घाघीडीह जेल में बंद है और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
करीब 14 करोड़ के जीएसटी घोटाले का आरोप, जमानत याचिका भी खारिज
प्रारंभिक जांच में हर्षवर्धन पर लगभग 14 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में शामिल होने का संदेह जताया गया है। उसकी जमानत याचिका पहले ही जिला न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी है, जिससे उसकी कानूनी स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। जांच एजेंसी अब उसके कारोबारी लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।
कई शहरों में छापेमारी, बड़े गिरोह के संकेत
सूत्रों के अनुसार, DGGI की कार्रवाई केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। बोकारो, धनबाद और कोलकाता सहित कई शहरों में छापेमारी कर कई व्यापारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में फर्जी बिलिंग, कर चोरी और नियमों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं। एजेंसी अब हर्षवर्धन के पुराने नेटवर्क और अन्य आरोपियों से उसके संबंधों की विस्तार से जांच कर रही है, जिससे इस पूरे घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं।