Chaibasa: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अंधविश्वास के कारण एक और दर्दनाक हत्या का मामला सामने आया है. जेटेया थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में रिश्ते के भतीजे ने ही अपनी फुफू की निर्ममता से हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से महिला के तानों और अंधविश्वास के डर से मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी भी बरामद कर ली है, जिससे पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आई पूरी कहानी
घटना के संबंध में जगन्नाथपुर के एसडीपीओ रफाएल मुर्मू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला की हत्या के बाद जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव निवासी 26 वर्षीय राकेश सिंकु ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर मामले की सूचना दी थी। आवेदन में चिरूपासया निवासी 50 वर्षीय टुरिया गगराई की हत्या की बात कही गई थी। इसके आधार पर 10 अप्रैल 2026 को जेटेया थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
कपड़ों से मिला अहम सुराग, खुला राज
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की तो वहां से हरे रंग की टी-शर्ट और नीले रंग का पैंट बरामद हुआ, जिसने पूरे मामले में अहम सुराग का काम किया। ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान पता चला कि ये कपड़े चिरूपासया निवासी गागा गगराई के हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस तरह एक छोटे से सुराग ने इस जघन्य हत्या के पीछे छिपे सच को सामने ला दिया।
अंधविश्वास और तानों ने लिया खौफनाक रूप
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतका उसे लंबे समय से ताना मारती थी और कहती थी कि वह पूजा-पाठ कर उसे और उसकी पत्नी को बीमार करवा देगी। इन बातों ने उसके मन में डर और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया। इसी मानसिक स्थिति में उसने 9 अप्रैल 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे टुरिया गगराई की हत्या की साजिश रची। वह टांगी लेकर आम के पेड़ के पास छिपकर बैठ गया और जैसे ही महिला वहां पहुंची, उसने अचानक हमला कर दिया। पहले पेट पर जोरदार वार किया और जब महिला जमीन पर गिर गई, तो सिर पर वार कर उसकी जान ले ली।
वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने कपड़े उतार दिए और वहां से फरार हो गया। उसने शव को करीब 500 मीटर दूर एक गड्ढे में छिपा दिया और घटना में इस्तेमाल टांगी को कुचिका नदी के पास पानी में फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर टांगी बरामद कर ली है। साथ ही घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, गमछा, टी-शर्ट और पैंट भी जब्त कर लिए गए हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम करेंगे।
छापामारी टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस की छापामारी टीम की अहम भूमिका रही। गठित टीम में जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रफाएल मुर्मू, थाना प्रभारी बासुदेव मुण्डा, संजीत कुमार रजक और सैट-56 के जवान शामिल थे। टीम की लगातार कार्रवाई और सूझबूझ से इस सनसनीखेज मामले का जल्द खुलासा हो सका और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।