Bokaro News: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने बोकारो के पिंड्राजोड़ा थाने के 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित किए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. एसोसिएशन ने इसे एकतरफा और पुलिस बल के मनोबल को तोड़ने वाली कार्रवाई करार दिया है. संगठन का आरोप है कि जिले के वरीय पदाधिकारी अपनी प्रशासनिक विफलताओं और नियंत्रण में कमी की जिम्मेदारी लेने के बजाय, दोष निचले स्तर के कर्मियों पर मढ़ रहे हैं. एसोसिएशन के अनुसार, बिना निष्पक्ष जांच के दोषी और निर्दोष का फर्क मिटाकर सामूहिक दंड देना न्यायोचित नहीं है, जिससे ईमानदार कर्मियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है.
जांच के बिना कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी भ्रष्ट या लापरवाह कर्मी का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन कार्रवाई तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए. संगठन का तर्क है कि यदि किसी विशिष्ट मामले में लापरवाही हुई थी, तो केवल संबंधित पदाधिकारियों पर गाज गिरनी चाहिए थी, न कि पूरे थाने के स्टाफ पर. एक ही झटके में सभी कर्मियों को सस्पेंड करने से न केवल उनके करियर पर असर पड़ता है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यक्षमता पर भी दिखेगा. एसोसिएशन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म जांच की जाए ताकि निर्दोषों को राहत मिल सके.
पुलिस एसोसिएशन ने निलंबन के साथ-साथ जिले में हाल के दिनों में अपनाई गई ट्रांसफर-पोस्टिंग की नीति पर भी तीखा कटाक्ष किया है. उनका मानना है कि तबादलों के लिए बनाए गए नियमों में विसंगतियों के कारण पुलिस पदाधिकारियों की कार्यकुशलता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है.