Saraikela: सरायकेला-खरसावां थाना क्षेत्र के आमदा ओपी अंतर्गत पुल निर्माण कंपनी से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अपराधी गिरोह का खुलासा हुआ है और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों में राहत की भावना देखी जा रही है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को पिताकलाग स्थित पुल निर्माण स्थल पर करीब छह अज्ञात लोग पहुंचे और वहां मौजूद मुंशी व मजदूरों को धमकाया। आरोपियों ने फोन के जरिए खुद को “जंगल का आदमी” बताते हुए साइट इंचार्ज और मुंशी से काम जारी रखने के बदले 5 लाख रुपये रंगदारी की मांग की। इस घटना के बाद खरसावां थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
SIT की जांच में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल सातों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में मो. एहसान अंसारी (30), शमीर सामड़ (35), मो. मोदासीर अंसारी (30), रविन्द्र हाईबुरू (38), चन्द्रमोहन बांकिरा उर्फ पांडु (25), दुर्गा चरण चाकी उर्फ राजन (30) और असीम बारिक (24) शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
हथियार, मोबाइल और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक देशी पिस्टल, दो जिंदा गोली, धमकी देने में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड के अलावा कुल नौ मोबाइल फोन और तीन बाइक बरामद की हैं। यह सभी सामान जांच के लिए जब्त कर लिए गए हैं।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। मो. एहसान अंसारी पर धनबाद और बरवाड्डा थाना में आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। वहीं चन्द्रमोहन बांकिरा उर्फ पांडु और शमीर सामड़ पर भी चोरी, अपहरण और हत्या जैसे गंभीर मामलों में संलिप्तता सामने आई है।
छापामारी टीम की अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस की छापामारी टीम की अहम भूमिका रही। टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर सवैया, खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार, आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान, प्रकाश कुमार, योगेश रजक सहित तकनीकी शाखा और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच में जुटी है।