Chakradharpur: चक्रधरपुर थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस ने सक्रियता और तत्परता दिखाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। अपहरण की इस घटना में पुलिस ने न केवल लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया, बल्कि इस मामले में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयास अहम साबित हुए, जिसके जरिए आरोपियों तक पहुंच संभव हो सकी।
20 जनवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत
इस मामले की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को हुई, जब चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के ओटार पंचायत अंतर्गत जेना बेड़ा गांव की निवासी रान्दाय सामाड ने थाने में अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनकी छोटी बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन घर से कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद वह अचानक लापता हो गई। इस सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और हर संभव दिशा में सुराग तलाशने लगी।
तकनीकी जांच से मिला सुराग, यूपी से बरामद हुई लड़की
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए CDR और टावर लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान अपहरण में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान सीतापुर जिले के इनायतपुर गांव निवासी संदीप कुमार (27 वर्ष) और किशोरी लाल कुईरी (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म, जेल भेजे गए
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS 2023 की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस पूरे ऑपरेशन में चक्रधरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद कुमार, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुअनि साहेब कुमार गौंड, पार्वती बोदरा सहित अन्य पुलिसकर्मियों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके समन्वित प्रयास से यह सफलता हासिल हो सकी।