Aaj Ka Panchang: आज वरूथिनी एकादशी का पावन दिन है, जो वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को सभी प्रकार की बाधाओं और पापों से सुरक्षा (वरूथ) मिलती है। श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से पिछले जन्मों के पाप नष्ट होते हैं, सौभाग्य में वृद्धि होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। पुराणों के अनुसार, इस एकादशी का व्रत कई गुना पुण्य फल प्रदान करता है।
तिथि और व्रत का समय
एकादशी तिथि 13 अप्रैल की देर रात 1 बजकर 16 मिनट पर शुरू होकर 14 अप्रैल की देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। उदय तिथि के आधार पर भक्त 13 अप्रैल को दिनभर व्रत रखेंगे। व्रत का पारण 14 अप्रैल को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा।
नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त
इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र शाम 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा। शुभ योग शाम 5 बजकर 17 मिनट तक रहेगा और करण बव दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:28 से 5:13 तक, अभिजित मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक और विजय मुहूर्त 2:30 से 3:21 तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:44 से 7:07 तक शुभ माना गया है।
अशुभ समय का ध्यान रखें
इस दिन राहुकाल सुबह 7:34 से 9:10 तक रहेगा, जबकि यमगंड 10:46 से 12:22 तक होगा। गुलिक काल दोपहर 1:58 से 3:34 तक और दुर्मुहूर्त 12:47 से 1:39 तक रहेगा। इन अशुभ समयों में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, ताकि व्रत और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।