Protein Deficiency In Women: भारतीय खान-पान में जहां कार्बोहाइड्रेट्स का हिस्सा अधिक होता है, वहीं प्रोटीन अक्सर पीछे छूट जाता है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अनजाने में प्रोटीन की कमी से जूझ रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खासकर शाकाहारी डाइट लेने वाली या अनियमित खान-पान रखने वाली महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो इसका असर शरीर के कई जरूरी कार्यों पर पड़ सकता है.
क्यों जरूरी है प्रोटीन और कैसे समझें इसकी कमी
प्रोटीन केवल मांसपेशियों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक पोषक तत्व है. यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने, हार्मोन संतुलन में मदद करने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने और हड्डियों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जब शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है, तो उसके संकेत धीरे-धीरे सामने आने लगते हैं. बालों का झड़ना, नाखूनों का कमजोर होना, बार-बार थकान महसूस होना, भूख का बढ़ना, बार-बार बीमार पड़ना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसे लक्षण इसकी ओर इशारा करते हैं. कई मामलों में मांसपेशियों की कमजोरी और हड्डियों में दर्द भी महसूस हो सकता है, जो लंबे समय में गंभीर समस्या का रूप ले सकता है.
कितना प्रोटीन जरूरी है और कैसे पूरी करें जरूरत
प्रोटीन की आवश्यकता व्यक्ति के वजन और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है. सामान्य रूप से प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन जरूरी माना जाता है, जबकि महिलाओं-विशेष रूप से 40 वर्ष की आयु के बाद-के लिए यह मात्रा 1 से 1.2 ग्राम प्रति किलोग्राम तक हो सकती है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी महिला का वजन 60 किलोग्राम है, तो उसे प्रतिदिन लगभग 60 से 70 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक ही स्रोत, जैसे दाल, से प्रोटीन की जरूरत पूरी नहीं होती, इसलिए डाइट में विविधता रखना जरूरी है. दाल, दूध, दही, पनीर, सोया, चना और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को दिनभर के भोजन में संतुलित रूप से शामिल करना बेहतर होता है.
सप्लीमेंट्स पर क्या कहती है विशेषज्ञों की राय
अक्सर यह धारणा होती है कि प्रोटीन सप्लीमेंट केवल जिम जाने वालों के लिए होते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. यदि किसी व्यक्ति की दैनिक डाइट से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पा रहा, तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लिया जा सकता है. हालांकि, बिना विशेषज्ञ की सलाह के सप्लीमेंट का सेवन करना सही नहीं माना जाता.
प्रोटीन की कमी धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती है और कई बार लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं. संतुलित आहार और सही जानकारी के साथ इस कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है. स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट में प्रोटीन को उतनी ही प्राथमिकता दें, जितनी अन्य पोषक तत्वों को देते हैं.