Jamshedpur: जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं नियोजन मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को एक पत्र सौंपते हुए आग्रह किया कि ईपीएस-95 (EPS-95) हायर पेंशन स्कीम से वंचित रह गए पूर्व कर्मचारियों के लिए आवेदन पोर्टल को एक बार फिर से खोला जाए, ताकि उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
1200 कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ
मुलाकात के दौरान सांसद महतो ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि टाटा स्टील के करीब 1200 सेवानिवृत्त कर्मचारी ऐसे हैं, जो तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये कर्मचारी अपने पूरे कार्यकाल के दौरान कंपनी और देश के विकास में योगदान दे चुके हैं, लेकिन अब पेंशन से जुड़े इस लाभ से दूर रह जाना उनके लिए बड़ी समस्या बन गई है। यदि पोर्टल को दोबारा खोला जाता है, तो जमशेदपुर के सैकड़ों परिवारों को इससे सीधा आर्थिक सहारा मिल सकता है और उनकी आजीविका बेहतर हो सकती है।
तकनीकी कारणों से छूटे लोगों को एक और मौका देने की मांग
सांसद ने अपने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि कई पात्र कर्मचारी समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे, जिसके कारण वे इस योजना से बाहर हो गए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को निर्देश देकर एक ‘वन टाइम विंडो’ खोली जाए, ताकि ऐसे सभी योग्य पूर्व कर्मचारियों को एक और अवसर मिल सके। उनका कहना था कि यह कदम न केवल न्यायसंगत होगा, बल्कि सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी मजबूती देगा।
केंद्रीय मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
सांसद की बातों को गंभीरता से सुनते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सकारात्मक रुख अपनाया और आश्वासन दिया कि इस विषय पर मंत्रालय स्तर पर संभावनाओं की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी रूप से यह संभव हुआ, तो EPFO को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर वंचित कर्मचारियों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है।