Jamshedpur Breaking: टेल्को थाना क्षेत्र के जेम्को मछुआ बस्ती में शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे उस वक्त दहशत फैल गई, जब आपसी विवाद में एक गुट ने दूसरे पर हमला कर बोल दिया। यह विवाद इतना हिंसक हो गया कि हमलावरों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्य, छोटू नाग, मनोज नाग और सुनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं, लेकिन किसी पुरानी खुन्नस या चिढ़ के कारण यह खूनी झड़प हुई।
दोपहर में हुई थी शिकायत, रात को हुई वारदात
घटना को लेकर हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन को पहले ही खतरे की चेतावनी दी थी। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर को भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पीड़ित गुट ने टेल्को थाने में शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि हमलावर गुट शाम तक किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। बावजूद इसके, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए और रात होते-होते आशंका सच में बदल गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह हमला किसी ठोस विवाद के बजाय केवल जलन और चिढ़ की वजह से किया गया है।
अपराधिक प्रवृत्ति और नशे के सेवन का आरोप
जिस गुट पर हमले का आरोप है, उनके बारे में मोहल्ले में काफी चर्चा है। पीड़ितों ने हमलावरों की पहचान रिंकू मछुआ, बबलू मछुआ, कृष्णा मछुआ, आकाश और वेंकेटेश नायडू के रूप में की है। आरोप है कि ये सभी अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं और अक्सर इलाके में अवैध हथियार लेकर घूमते हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ितों का दावा है कि ये लोग ब्राउन शुगर जैसे घातक नशे का सेवन करते हैं। इसमें से कृष्णा मछुआ नामक आरोपी के बारे में बताया जा रहा है कि वह हाल ही में एक हत्या के मामले में जेल की सजा काटकर बाहर आया है, जिससे पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना रहता है।
पुलिस की भूमिका और सुरक्षा पर सवाल
मछुआ बस्ती में हुई इस घटना ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब दोपहर में ही विवाद की सूचना थाने को दे दी गई थी, तो रात को हमलावरों को वारदात करने का मौका कैसे मिला? फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।