Lifting of ration in the name of dead beneficiaries: झारखंड में अब भी दो लाख 24 हजार 858 मृतकों के नाम पर राशन का उठाव हो रहा है। यह सिलसिला पिछले साल से ही चल रहा है। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को ऐसे लाभुकों का नाम राशन कार्ड से डिलीट करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार के निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पहले मृतक लाभुकों का सत्यापन किया जाए, अगर लाभुक की मृत्यु हो गई है, तो उसका नाम राशन कार्ड से हटाया जाए। इसको लेकर राज्य सरकार की ओर से मई माह से कार्रवाई शुरू की गई है।
मृतक लाभुकों की संख्या
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 10 जिलों में मृतक लाभुकों की संख्या 10 हजार से अधिक है। इनमें सबसे अधिक संख्या पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर में है, जहां मृतक लाभुकों की संख्या 22,975 है। वहीं, रांची में यह संख्या 21,171 है।
कार्रवाई की स्थिति
30 मई तक राज्य में 30,039 मृतक लाभुकों का नाम राशन कार्ड से डिलीट किया जा चुका है। झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े लाभुकों की संख्या दो करोड़ 63 लाख 37 हजार 56 है। मृतक लाभुकों के नाम हटने के बाद इस योजना से लगभग ढाई लाख नए लाभुकों को लाभ मिलेगा।
कार्रवाई
बोकारो में 9020 मृतक लाभुकों में से 220 के नाम डिलीट किए गए हैं। चतरा में 7110 मृतक लाभुकों में से 4629 के नाम हटाए गए हैं। इसी तरह, देवघर में 8899, धनबाद में 18560, दुमका में 13323, पूर्वी सिंहभूम में 22975, गढ़वा में 7995, गिरिडीह में 13683, गोड्डा में 8519, गुमला में 8459, हजारीबाग में 11191, जामताड़ा में 8916, खूंटी में 5339, कोडरमा में 4747, लातेहार में 5950, लोहरदगा में 5669, पाकुड़ में 9885, पलामू में 13229, रामगढ़ में 5510, रांची में 21171, साहिबगंज में 10658, सरायकेला में 12910, सिमडेगा में 5862, और पश्चिमी सिंहभूम में 15347 मृतक लाभुकों के नाम 30 मई तक डिलीट किए जा चुके हैं।
झारखंड में मृतक लाभुकों के नाम पर राशन का उठाव एक गंभीर मुद्दा है। राज्य सरकार ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है और मृतक लाभुकों के नाम राशन कार्ड से डिलीट करने का काम कर रही है। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों की संख्या में बदलाव आएगा और नए लाभुकों को लाभ मिलेगा।
आगे की कार्रवाई
राज्य सरकार को चाहिए कि वह मृतक लाभुकों के नाम राशन कार्ड से डिलीट करने की कार्रवाई को और तेजी से करे। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन लाभुकों का नाम डिलीट किया जा रहा है, उनके परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो।
लाभुकों को लाभ
मृतक लाभुकों के नाम हटने के बाद इस योजना से लगभग ढाई लाख नए लाभुकों को लाभ मिलेगा। इस योजना से जुड़े परिवार के सदस्यों को सरकार की ओर से मुफ्त राशन प्रदान किया जाता है। इससे गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।