West Bengal Election: पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम से सियासी विवाद की एक नई कहानी सामने आई है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के हेलीकॉप्टर को कथित तौर पर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है.
पीएम के कार्यक्रम के बीच रोकी गई लैंडिंग, टीएमसी ने बताया “इंतजार करवाने की साजिश”
टीएमसी का दावा है कि जिस समय हेमंत सोरेन झाड़ग्राम पहुंचने वाले थे, उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां मौजूद थे और उनका कार्यक्रम तय समय से आगे बढ़ गया. पार्टी के अनुसार, इसी वजह से सोरेन के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. टीएमसी ने इसे सिर्फ प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया राजनीतिक कदम बताया है.
“आदिवासी नेतृत्व का अपमान”-टीएमसी का सीधा आरोप, लोकतांत्रिक अधिकारों पर उठे सवाल
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर इस घटना को आदिवासी नेताओं के साथ भेदभाव करार दिया. पार्टी ने कहा कि हेमंत सोरेन एक चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, फिर भी उन्हें इस तरह रोका गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है. आरोप यह भी लगाया गया कि अंततः स्थिति ऐसी बनी कि सोरेन को कार्यक्रम में शामिल हुए बिना ही रांची लौटना पड़ा. टीएमसी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए प्रधानमंत्री पर आदिवासी समाज के अपमान का आरोप लगाया.
पीएम मोदी का झाड़ग्राम दौरा और सियासी तकरार हुई तेज
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ग्राम में कई जनसभाएं कीं और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. उनके दौरे के बीच यह विवाद सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रशासन या केंद्र की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
झाड़ग्राम की यह घटना अब महज एक प्रशासनिक निर्णय से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है. आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यही है कि क्या यह महज संयोग था या फिर इसके पीछे कोई सियासी रणनीति-इसका जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा.