Jharkhand News: पिछले वर्ष आयोजित JSSC-CGL परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी शशीभूषण दीक्षित ने जमानत के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने झारखंड सीआईडी (CID) को नोटिस जारी किया है. अदालत ने जांच एजेंसी को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें आरोपी की न्यायिक हिरासत पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है.
हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत में अपील
सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले आरोपी शशीभूषण दीक्षित ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया था. हालांकि, इसी वर्ष जनवरी में हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच के तथ्यों को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद ही आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की. सीआईडी का पक्ष है कि आरोपी गिरोह का मुख्य सूत्रधार है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए.
गोरखपुर से हुई थी गिरफ्तारी, डिजिटल साक्ष्य बने बड़ी कड़ी
सीआईडी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना संदीप त्रिपाठी उर्फ शशीभूषण दीक्षित को पिछले वर्ष 28 मार्च को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे, जिनमें JSSC-CGL के परीक्षार्थियों की सूची और पैसों के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण शामिल थे. इसके अलावा, जांच एजेंसी ने उसके पास से कई डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए थे, जो गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ उसके सीधे संपर्क और इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क का खुलासा करते हैं.