Assembly Elections Updates: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब मतदान का दिन नजदीक आ गया है। दोनों राज्यों में 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण का मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। चुनावी प्रचार का शोर पहले ही समाप्त हो चुका है और अब पूरा फोकस वोटिंग प्रक्रिया पर केंद्रित कर दिया गया है।
पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर कड़ा मुकाबला, 1478 उम्मीदवार मैदान में
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत कुल 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिसमें 1478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में करीब 3.60 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। जिन जिलों में मतदान होना है उनमें मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, बीरभूम, पश्चिम बर्द्धमान, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जैसे जिले शामिल हैं, जहां सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
तमिलनाडु में एक ही चरण में सभी 234 सीटों पर मतदान
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराया जा रहा है, जिसमें राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। यहां कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है और सभी बूथों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
पश्चिम बंगाल में कड़े नियम, बाइक और रैलियों पर रोक
पश्चिम बंगाल में मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोपहिया वाहनों के उपयोग पर विशेष प्रतिबंध लगाया गया है और बाइक रैलियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही डबल सवारी पर भी पाबंदी लागू कर दी गई है। नियमों के अनुसार शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक और स्कूटी चलाने पर रोक रहेगी, जबकि दिन के समय भी पिलियन राइडर की अनुमति नहीं होगी, हालांकि मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति में छूट दी गई है।
विशेष अनुमति के लिए पुलिस से लेना होगा प्रमाण
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी विशेष परिस्थिति में यदि छूट की आवश्यकता हो तो संबंधित व्यक्ति को स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन और पुलिस को इन सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए गए हैं ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, तनाव या गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न न हो और चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।