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  • 2026-04-22

Jharkhand News: अब शहरों का बदलेगा स्वरूप, नगर विकास विभाग ने कसी कमर, मार्केट रेट पर तय होगा विकास योजनाओं का बजट

Jharkhand News: झारखंड के शहरों को अब नई पहचान मिलने वाली है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरी क्षेत्रों को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है. इस योजना के दायरे में नए भवनों का निर्माण, उन्नत जल आपूर्ति प्रणाली, हाईटेक सीवरेज सिस्टम और कचरा प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थानों और पार्कों के सौंदर्यीकरण के जरिए शहरों को आकर्षक लुक देने की तैयारी है, ताकि नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें.

भ्रष्टाचार पर लगाम: अब ई-कोटेशन से तय होंगे दाम
विभाग ने सरकारी योजनाओं में होने वाले खर्च को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है. अब सिविल निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं के बजट निर्धारण के लिए मनमाने रेट नहीं चलेंगे. विभाग ने प्रतिष्ठित निर्माताओं और अधिकृत डीलरों से ई-कोटेशन आमंत्रित करने का निर्णय लिया है. इसका सीधा उद्देश्य बाजार की न्यूनतम और सबसे प्रतिस्पर्धी दरों का सटीक मूल्यांकन करना है. इससे सरकारी योजनाओं के अनुमानित बजट (Estimates) वास्तविक बाजार दरों पर आधारित होंगे, जिससे सरकारी खजाने के दुरुपयोग की गुंजाइश खत्म होगी.

पारदर्शिता के लिए GSTN अनिवार्य, पोर्टल पर दर्ज होंगी दरें
नई व्यवस्था के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. कोटेशन देने वाली किसी भी फर्म या सप्लायर के पास वैध जीएसटीएन (GSTN) होना अनिवार्य कर दिया गया है. आपूर्तिकर्ताओं को अपनी दरें जीएसटी को छोड़कर सीधे विभागीय पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी. इस डिजिटल प्रक्रिया से न केवल बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगेगी. विभाग का मानना है कि इस कदम से ठेकेदारी प्रथा में पारदर्शिता आएगी और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा.

गुणवत्तापूर्ण विकास और समयबद्ध क्रियान्वयन
सटीक बजटिंग और पारदर्शी चयन प्रक्रिया का सीधा असर विकास कार्यों की गुणवत्ता पर पड़ेगा. जब निर्माण सामग्री की दरें और मानक पहले से तय होंगे, तो निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की संभावना कम हो जाएगी. विभाग की इस तैयारी से उम्मीद जताई जा रही है कि झारखंड के शहरों में चल रही योजनाएं अब समय सीमा के भीतर पूरी होंगी. नगर विकास विभाग का यह "नया मॉडल" राज्य के शहरी विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ आम जनता के पैसे का सही हिसाब सुनिश्चित करेगा.
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