Adityapur Big News: आदित्यपुर के शेरे पंजाब चौक से लेकर एस-टाइप चौक तक यातायात पुलिस ने बुधवार को नो-पार्किंग के बोर्ड तो लगा दिए, लेकिन जमीन पर इसका असर शून्य है. पुलिस की रोज होने वाली माइकिंग और चालान काटने की कार्रवाई का असर कुछ ही घंटों तक रहता है. इसके बाद फिर वही हाल हो जाता है. सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन, स्थानीय बहुमंजिला इमारतों के मालिकों और ग्राहकों द्वारा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें न केवल जाम का कारण बन रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं को भी खुला निमंत्रण दे रही हैं.
बिल्डरों की मनमानी और नक्शों का खेल
शहर की ट्रैफिक समस्या की असल जड़ यहां की बहुमंजिला इमारतें हैं. नियमानुसार हर कमर्शियल और आवासीय कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट पार्किंग अनिवार्य है, लेकिन आदित्यपुर में दर्जनों ऐसी बिल्डिंगें खड़ी हो गई हैं जिनमें पार्किंग के नाम पर एक इंच जगह नहीं है. नतीजा यह है कि दुकानों पर आने वाले ग्राहक मजबूरी में अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी करते हैं. स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच मिलीभगत के कारण ही बिना पार्किंग स्पेस वाली इमारतों को एनओसी (NOC) दे दी जाती है, जिसका खामियाजा अब पूरी जनता भुगत रही है.
जाम में फंस रही एम्बुलेंस, सुरक्षा पर बड़ा खतरा
मुख्य सड़क के पार्किंग यार्ड में तब्दील होने से आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. शेरे पंजाब, लाल बिल्डिंग और एस-टाइप चौक के पास लगने वाले भीषण जाम में आए दिन एम्बुलेंस फंसी रहती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल चालान काटकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, जबकि असली समाधान पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है. बिना मल्टी-लेवल पार्किंग की व्यवस्था किए नो-पार्किंग का बोर्ड लगाना जनता के साथ अन्याय जैसा है.
फिल्मी स्टाइल में जनता का आक्रोश: कानून का डंडा छोटा, भ्रष्टाचार का गढ़ा बड़ा
आदित्यपुर की सड़कों का नजारा आजकल किसी डिजास्टर फिल्म के उस सीन जैसा लगता है, जहां भागने के सारे रास्ते बंद हों और चारों तरफ गाड़ियों का समंदर हो. जनता अब यह पूछ रही है कि जब शहर में पार्किंग के लिए कोई जगह ही नहीं बनाई गई, तो आखिर गाड़ियां हवा में खड़ी होंगी? लोगों का कहना है कि पुलिस का डंडा सिर्फ आम जनता की जेब पर चलता है, उन बड़े बिल्डरों पर नहीं जिन्होंने पार्किंग की जगह को दुकानों में तब्दील कर दिया. व्यापारियों और नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम ने नक्शा पास करने की धांधली बंद नहीं की और सार्वजनिक पार्किंग नहीं बनाई, तो यह जाम आने वाले दिनों में बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लेगा.