Jharkhand News: झारखंड सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है. इसी क्रम में रांची में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से राउंड टेबल बैठक आयोजित की गई, जहां महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर चर्चा हुई.
नेतृत्व, आजीविका और उद्यमिता पर हुआ विचार, विमर्श
बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह मौजूद रहीं. उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में लाना जरूरी है. चर्चा का केंद्र महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना, सतत आजीविका के अवसर तैयार करना और ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करना रहा. इस दौरान यह भी सामने आया कि झारखंड जैसे राज्य में, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं रहती हैं, वहां सशक्तिकरण को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता. गांव और शहर की जरूरतें अलग हैं, इसलिए योजनाओं को भी उसी हिसाब से ढालना होगा.
प्रमुख हस्तियों की भागीदारी, जमीनी हकीकत पर जोर
बैठक में आवडी चामी मुर्मू, लुईस मरांडी और सुप्रिया श्रीनेत समेत कई प्रमुख महिलाओं ने हिस्सा लिया. सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि नीतियां तभी सफल होंगी, जब वे जमीनी जरूरतों से जुड़ी हों.
साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आर्थिक संसाधनों तक बेहतर पहुंच देने से ही वास्तविक बदलाव संभव है.
यह राउंड टेबल बैठक सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नीति और जमीन के बीच की दूरी कम करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है. सरकार का फोकस अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करने पर भी है, ताकि सशक्तिकरण का असर हर स्तर पर दिखे.