Ranchi: रांची के एयरपोर्ट थाना में ED के दो अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच CBI से कराने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम.एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की बेंच में की गई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने फिलहाल CBI जांच पर रोक लगाते हुए दायर याचिका को खारिज कर दिया। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने पक्ष रखा और पूरे मामले में सरकार का रुख स्पष्ट किया।
हाईकोर्ट के आदेश से शुरू हुआ था जांच का विवाद
दरअसल, इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए रांची पुलिस द्वारा दर्ज FIR की जांच CBI से कराने का निर्देश दिया था। यह FIR ED अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। FIR दर्ज होने के बाद रांची पुलिस द्वारा ED कार्यालय में छापेमारी की कार्रवाई भी की गई थी, जिसने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी।
CBI ने शुरू की जांच, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और रांची के एयरपोर्ट थाना में दर्ज कांड को टेकओवर कर लिया। इसके तहत CBI की क्राइम ब्रांच ने RC-03(S)/2026/SC-III/ND के तहत औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच राज्य पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी के बीच यह कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां आगे की सुनवाई को बहुत अहम माना जा रहा है। यह पूरा मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत उच्च स्तर पर विचाराधीन है।