Jamshedpur: जमशेदपुर में टाटा कमिंस के कर्मचारियों के लिए वेतन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जहां कंपनी प्रबंधन ने यूनियन के साथ सहमति बनने के बाद वेज स्ट्रक्चर में बदलाव करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई नीति के तहत कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत तक वृद्धि करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसे लागू करने की दिशा में कंपनी ने कदम बढ़ा दिया है। इस निर्णय की जानकारी शुक्रवार को प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को दी गई, जिससे कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
एलटीए पर बनी सहमति, एजुकेशन अलाउंस भी शामिल
वेतन संरचना में बदलाव के दौरान प्रबंधन ने एलटीए (लीव ट्रैवल अलाउंस) को मासिक आधार पर देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इस पर यूनियन ने असहमति जताई। इसके बाद यूनियन अध्यक्ष राजेश सिंह और महासचिव अविनाश अनुपम ने प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसके बाद प्रबंधन ने यूनियन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। अब कर्मचारियों को पहले की तरह ही दो वर्षों के एक ब्लॉक में एलटीए मिलेगा। साथ ही एजुकेशन अलाउंस के रूप में 200 रुपये जोड़े गए हैं, जिसे वेतन का हिस्सा बना दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को भविष्य में ग्रेच्युटी का भी लाभ मिलेगा।
अन्य अलाउंस में भी बदलाव, वेतन कटौती से राहत
वेतन संशोधन के तहत 350 रुपये के अलाउंस को कन्वीनियंस अलाउंस में शामिल कर लिया गया है, जिससे यह राशि अब वेतन से नहीं कटेगी। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस को भी कन्वीनियंस अलाउंस में समाहित किया गया है। टीबीडब्ल्यूएस के तहत 1050 रुपये की मासिक किस्त भी अब कर्मचारियों के वेतन से नहीं काटी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। यह पूरा संशोधन वेतन समझौते से अलग एक विशेष प्रावधान के रूप में लागू किया जा रहा है।
ट्यूब्स डिवीजन में मैनपावर बढ़ाने पर बनी सहमति
इसी क्रम में टाटा स्टील के ट्यूब्स डिवीजन में मैनपावर बढ़ाने को लेकर भी प्रबंधन और यूनियन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। यह बैठक शुक्रवार को करीब दो घंटे तक चली, जिसमें प्रबंधन की ओर से उत्पादन में गिरावट को लेकर चिंता जताई गई। यूनियन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मैनपावर में कमी ही उत्पादन घटने का मुख्य कारण है और पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की बहाली से उत्पादन में सुधार संभव है। आखिरकार दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि मैनपावर बढ़ाया जाएगा और इसे आपसी सहमति से तय किया जाएगा।
आरओ (री-ऑर्गनाइजेशन) पर अगले सप्ताह से होगी बातचीत
ट्यूब्स डिवीजन में री-ऑर्गनाइजेशन (आरओ) को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके लिए विभागीय कमेटी सदस्यों ने यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों को अधिकृत कर दिया है। चमरिया गेस्ट हाउस में हुई बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रबंधन जल्द ही आरओ को लेकर वार्ता शुरू करेगा। कमेटी सदस्यों ने भी इस पर सहमति जताते हुए आगे की बातचीत के लिए अनुमति दे दी है।
जेसीएपीसीपीएल में कपिल मोदी होंगे नए एमडी
वहीं एक अन्य अहम प्रशासनिक फैसले के तहत टाटा स्टील और जापानी कंपनी के संयुक्त उद्यम जेसीएपीसीपीएल में कपिल मोदी को नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में चीफ मिल्स और डाउनस्ट्रीम के पद पर कार्यरत हैं। इस संबंध में कंपनी के शीर्ष स्तर से आदेश जारी कर दिया गया है, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होगा। उन्हें अगले तीन वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है और इस दौरान वे प्रशासनिक रूप से वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस डाउनस्ट्रीम को रिपोर्ट करेंगे।
इस पूरे बदलाव को कर्मचारियों के लिए एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जहां वेतन, भत्तों और कार्य व्यवस्था में संतुलन लाने की कोशिश की गई है।