Jamshedpur: जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए महिलाओं के मुद्दे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है और उनके विश्वास को ठेस पहुंचाई गई है। विधायक ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा कि कांग्रेस की नीतियां और हालिया घटनाक्रम महिलाओं के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को उजागर करते हैं।
हालिया घटनाओं को बताया महिलाओं के खिलाफ संकेत
विधायक ने 16 और 17 अप्रैल को सामने आए फैसलों और बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक बयानबाजी का मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं के भरोसे के साथ सीधा विश्वासघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं को बराबरी का अवसर देने में कमी दिखाई है और उनके अधिकारों को नजरअंदाज किया है।
“सशक्तिकरण के दावे और हकीकत में अंतर”
पूर्णिमा साहू ने कहा कि जो पार्टी खुद को महिलाओं के सशक्तिकरण की पक्षधर बताती है, उसका वास्तविक चेहरा अब जनता के सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति करना और वास्तविकता में उनके अधिकारों की अनदेखी करना एक बड़ा विरोधाभास है, जिसे अब जनता समझने लगी है।
महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात
अपने बयान के अंत में विधायक ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मुद्दों पर जागरूक रहें और सही-गलत का निर्णय समझदारी से करें, ताकि समाज में महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान मिल सके।