Sendra Festival: सोमवार को दलमा क्षेत्र में आदिवासी समाज ने पारंपरिक सेंदरा पर्व उत्साह और आस्था के साथ मनाया। दलमा राजा राकेश हेंब्रम के नेतृत्व में सैकड़ों लोग पारंपरिक वेशभूषा और औजारों के साथ जंगल की ओर रवाना हुए। यह पर्व आदिवासी संस्कृति का अहम हिस्सा है, जिसमें समुदाय एकजुट होकर प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देता है।
सुबह से दिखी रौनक, गांव-गांव से पहुंचे लोग
सुबह से ही दलमा क्षेत्र में लोगों की भारी आवाजाही देखने को मिली। विभिन्न गांवों से पहुंचे लोग दलमा राजा के नेतृत्व में जंगल में प्रवेश किए। इस दौरान कई स्थानों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
वन विभाग अलर्ट मोड में, 500 से ज्यादा कर्मी तैनात
वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए 500 से अधिक वनकर्मी और अधिकारियों को विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया। टीमों ने लगातार गश्ती करते हुए लोगों को समझाया और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।
शांतिपूर्ण समापन, शिकार की नहीं मिली कोई सूचना
देर शाम तक किसी भी जंगली जानवर के शिकार की सूचना नहीं मिली, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। सेंदरा पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने पर प्रशासन और वन विभाग ने संतोष जताया।