Jharkhand News: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. जेल में बंद 165 आरोपियों की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने केस डायरी प्रस्तुत की. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं. अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित की गई है.
जमानत पर सुनवाई में जांच की स्थिति सामने आई
सुनवाई के दौरान आईओ द्वारा पेश की गई केस डायरी में अब तक की जांच का पूरा ब्योरा अदालत के सामने रखा गया. कोर्ट ने जांच की दिशा को समझते हुए JSSC से आधिकारिक रिपोर्ट तलब की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेपर लीक की पुष्टि होती है या नहीं. यह रिपोर्ट आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
166 आरोपियों की गिरफ्तारी से खुला था बड़ा नेटवर्क
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को पुलिस ने इस मामले में 166 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. सभी को 12 अप्रैल को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. ये गिरफ्तारियां रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव से की गई थीं, जहां संगठित तरीके से अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर याद कराए जा रहे थे.
अंतरराज्यीय गिरोह और सॉल्वर गैंग का खुलासा
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह सक्रिय था. गिरोह के कथित सरगना समेत पांच मुख्य आरोपी, जिनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं, इसके अलावा इस नेटवर्क में सात महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं. पुलिस के अनुसार, गैंग के एजेंट उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले ही सवाल-जवाब तैयार करवा रहे थे.
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है. हाईकोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद पेपर लीक के आरोपों पर स्थिति और स्पष्ट होगी. अगली सुनवाई में इस बहुचर्चित मामले में महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.