Jharkhand News: झारखंड में स्नातक शिक्षक नियुक्ति को लेकर मचे घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. विवादित मेरिट लिस्ट की जांच के लिए बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी आगामी 2 मई को दोपहर 1 बजे अपनी बैठक करने जा रही है. रांची के डोरंडा स्थित पुराने हाई कोर्ट भवन में होने वाली इस सुनवाई में उन तमाम पहलुओं को खंगाला जाएगा, जिनकी वजह से पूरी भर्ती प्रक्रिया विवादों के घेरे में है. फिलहाल इस सुनवाई में केवल वकीलों को शामिल होने की इजाजत दी गई है.
जस्टिस गौतम कुमार चौधरी संभालेंगे कमान
हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को जांच कमेटी का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. प्रार्थी के वकील शेखर प्रसाद गुप्ता ने पुष्टि की है कि चेयरमैन की ओर से सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है. कमेटी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वाकई कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा जारी की गई लिस्ट में गड़बड़ियां हुई हैं या मामला कुछ और है.
कट-ऑफ से ज्यादा अंक, फिर भी चयन से बाहर
यह पूरा मामला उन 257 याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें अभ्यर्थियों ने सीधे तौर पर जेएसएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उम्मीदवारों का आरोप बेहद संगीन है, उनका कहना है कि राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में भारी धांधली हुई है. कई ऐसे अभ्यर्थियों को नौकरी दे दी गई जिनके नंबर कट-ऑफ से कम थे, जबकि उनसे कहीं ज्यादा अंक लाने वाले योग्य उम्मीदवार आज भी इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं.
जेएसएससी की दलीलों पर कोर्ट का कड़ा रुख
शुरुआत में आयोग ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था, लेकिन जब मामला कोर्ट पहुंचा और सबूत पेश किए गए, तो अदालत ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाना ही उचित समझा. अब 2 मई को होने वाली यह सुनवाई उन सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की आखिरी किरण है, जो सिस्टम की कथित गड़बड़ी का शिकार हुए हैं. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि झारखंड में शिक्षकों की इस भर्ती का भविष्य क्या होगा.