Adityapur News: आदित्यपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण खरकई ब्रिज पर इन दिनों राहगीरों के लिए दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है. एक ओर छोटा पुल का फुटपाथ जर्जर होकर खतरनाक होल में तब्दील हो चुका है, तो दूसरी ओर मुख्य सड़क पर फल विक्रेताओं ने अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है. इस अव्यवस्था के कारण न केवल हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, बल्कि हजारों स्कूली बच्चों और राहगीरों की जान पर भी हर पल खतरा मंडराता रहता है.
प्रशासनिक कार्रवाई बनी सिर्फ फोटो खिंचवाने का जरिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर चलाया जाने वाला अतिक्रमण हटाओ अभियान अब महज एक दिखावा बनकर रह गया है. अधिकारियों के अभियान चलाकर फोटो खिंचवाने के कुछ ही घंटों बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है. फुटपाथ टूटने के कारण पैदल चलने वाले लोग मुख्य सड़क पर आने को मजबूर हैं, जहां पहले से ही ठेले-खोमचे वालों का कब्जा है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ गई है.
स्थायी समाधान के लिए नो-वेंडिंग जोन की मांग
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए खरकई ब्रिज और उसके दोनों ओर 100 मीटर के दायरे को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जाए. इसके साथ ही, वहां पुलिस बल या होमगार्ड की स्थायी तैनाती होनी चाहिए ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके. जनता का सुझाव है कि नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं के खिलाफ केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि सामान जब्ती और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
वेंडिंग मार्केट और नियमित निरीक्षण की जरूरत
सिर्फ हटा देने से समस्या खत्म नहीं होगी, इसके लिए नगर निगम को छोटे विक्रेताओं को पास में ही वेंडिंग मार्केट या कोई वैकल्पिक स्थान सुनिश्चित करना चाहिए. इसके साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों को केवल विशेष अभियान के दिन ही नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण करना होगा. जब तक प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाएगा और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक जनता को इस जाम और जानलेवा होल से मुक्ति नहीं मिलेगी.