Jharkhand News: हजारीबाग में एक अल्पसंख्यक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या और उसके बाद एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर इस पूरे मामले की तहकीकात के लिए चार सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी इस गंभीर विषय पर निष्पक्ष जांच चाहती है.
स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान हुआ था विवाद
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान वहां कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना हुई. इस घटना के बाद से ही पूरे राज्य के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे स्वास्थ्य मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं.
राजेश कच्छप और ममता देवी समेत चार नेता करेंगे जांच
कांग्रेस द्वारा गठित इस उच्च स्तरीय जांच समिति में विधायक राजेश कच्छप, पूर्व विधायक ममता देवी, आलोक कुमार दुबे और मंजूर अंसारी को शामिल किया गया है. सतीश पॉल मुंजनी ने बताया कि यह समिति जल्द ही हजारीबाग का दौरा करेगी और न केवल पीड़ित परिवार बल्कि घायल पत्रकार से भी मुलाकात कर उनका पक्ष जानेगी. समिति घटना के हर पहलू की गहराई से जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी.
न्याय और कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता
सतीश पॉल मुंजनी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस इस पूरी घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रही है. पार्टी का कहना है कि वे इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के पक्षधर हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर पार्टी अपना अगला कदम उठाएगी, ताकि पत्रकार समाज और पीड़ित परिवार के बीच विश्वास बहाल किया जा सके.